विनाशकारी भूंकप से 2500 से ज्यादा लोगों की मौत
(BIHAR, India) नेपाल में कल आये 7.9 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से आठ भारतीयों सहित करीब 2500 लोगों की मौत हो गयी. हालांकि अभी 1800 लोगों के मरने की आधिकारिक पुष्टि हुई है. तीन लाख पर्यटकों के वहां अब भी फंसे होने की आशंका है. 546 भारतीयों को वहां से सुरक्षित निकाला गया है. इस बीच कल देर रात फिर भूकंप के झटके महसूस किये गये. 72 घंटों तक भूकंप की चेतावनी जारी किये गये हैं. भारत में भी इससे तबाही हुई है. सबसे अधिक तबाही बिहार में हुई है जहां अब तक 56 लोगों के मारे जाने की खबर है.
माउंट एवरेस्ट से 17 शव निकाले गए हैं. इस बीच भूकंप के कारण आये भूस्खलन से 61 लोगों के घायल होने की खबर है. नेपाल के पीएम इंडोनेशिया से वापस नेपाल लौट रहे हैं. नेपाल में दस दिन की छुट्टी की घोषणा की गयी है.इस भूकंप से राजधानी में सदियों पुरानी धरहरा मीनार और प्रसिद्ध दरबार स्क्वेयर सहित कई प्रमुख इमारतें और मकान क्षतिग्रस्त हो गए. यह बीते 80 वर्षों का सबसे भयावह भूकंप है.भूकंप का केंद्र काठमांडो से उत्तर पश्चिम में करीब 80 किलोमीटर दूर लामजुंग में था और बिहार तथा पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के कई शहरों में भी इसका असर महसूस किया गया. चीन के साथ ही पाकिस्तान और बांग्लादेश में भी भूकंप महसूस किया गया.
भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.9 आंकी गयी और इसके बाद 4.5 अथवा इससे अधिक तीव्रता के कम से कम 16 झटके महसूस किए गए भारतीय दूतावास परिसर में एक मकान नष्ट हो गया जिसमें सीपीडब्ल्यूडी के एक कर्मचारी की बेटी की मौत हो गई.

Digital Desk: Shiv Kishor

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