अधिकारिक तौर पर मोदी सरकार के एक साल होने में महज तीन दिन ही बाकी हैं. सरकार इसे ग्रैंड बनाने की तैयारी में है. देश की जनता से पांच साल मांगने और 'अच्छे दिन' वापस लाने के अपने वादे का एक साल हो चुका है. जनता की अपनी अपेक्षाएं हैं. कुछ संतुष्ट हैं तो कुछ को खामियां दिखनी शुरू हो चुकी हैं. ऐसे में मोदी सरकार अपना 'वोटर कनेक्ट' बनाए रखने के लिए पहली सालगिरह को खास बनाना चाहती है.मोदी सरकार की पहली सालगिरह की शुरुआत वित्तमंत्री अरुण जेटली करेंगे. शनिवार को वह प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सरकार के कामकाज का बखान करेंगे. सदस्यता अभियान के जरिये दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी बीजेपी अपने 10 करोड़ सदस्यों को सरकार का रिपोर्ट कार्ड भी भेजेगी.जश्न के रूप में सालगिरह मनाने का सबसे बड़ा आकर्षण मथुरा की रैली होगी. 25 मई को पीएम मोदी स्वयं इस रैली में शामिल होंगे. इसके अलावा बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी निर्देश दिए गए हैं. उन्हें अपने-अपने राज्यों के बड़े शहरों में कम से कम तीन कार्यक्रम करने को कहा गया है.गौरतलब यह है कि एक ओर जहां मोदी सरकार अपनी पहली सालगिरह को जनकल्याण दिवस के रूप में जनता के सामने पेश करेगी, वहीं कांग्रेस सरकार की पोल खोलने की तैयारी में है. LG मुद्दे पर केंद्र से दो-दो हाथ करने के मूड में आ चुकी आम आदमी पार्टी भी 25 मई को ही अपने 100 दिन पूरे होने का जश्न दिल्ली के कनॉट प्लेस में मनाने वाली है. बिहार चुनाव के मद्देनजर यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी पार्टी जनता में अपना विश्वास कायम रख पाती है.
Digital Desk: Shiv Kishor
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।