मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिख कर 14 वें वित्त आयोग से मिली राशि को लेकर उनके पत्रों का जवाब दिया है. पांच पन्नों के इस पत्र में नीतीश कुमार ने 18 सितंबर के जेटली के पत्र और इसके पहले अपनी ओर से सात सितंबर को भेजे पत्र का हवाला देते हुए दोहाराया है कि यदि केंद्र सरकार सही मायनों में बिहार के सामाजिक, आर्थिक और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में विकास चाहती है तो उसे विशेष राज्य का दर्जा देना होगा. इसके साथ ही अतिरिक्त सहायता और अनुदान भी मंजूर करना होगा. सीएम ने अपने पत्र में कहा कि 13वें वित्त आयोग से मिली राशि और 14वें वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुपात में कोई मेल नहीं है. नीतीश ने अपने पूर्व के पत्रों में उठाये गये बिंदुओं को दोहराते हुए कहा कि बिहार जैसे पिछड़े राज्य के लिए यह भेदभावपूर्ण है. बिहार के बेहतर विकास के लिए काफी कुछ करने की जरूरत है, लेकिन केंद्र के रवैये को देखते हुए लग रहा है कि आने वाले समय में कुछ मिलने नहीं जा रहा है. इन बातों पर ध्यान आकर्षित कराने के लिए तमाम सुसंगत और महत्वपूर्ण तथ्यों को उजागर किया गया है.
Digital Desk: Kamal
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