बिहार के चुनाव अभियान में जाति और सम्प्रदाय हावी होने के बावजूद भाजपा विकास के मुद्दे को अपने अभियान के केंद्र में रख बाकी मसलों का जवाब तलाशने की कोशिश कर रही है। एक तिहाई सीटों पर मतदान के बाद अब उसके सामने महागठबंधन की ओर से उछाले गए बिहारी बनाम बाहरी के सवाल का जवाब देने की चुनौती है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को आरा, छपरा व बक्सर जिले की अपनी सभाओं में प्रमुखता से बिहारी बनाम बाहरी का जवाब देने की कोशिश की। महागठबंधन के नेता यह पूछ रहे हैं कि भाजपा की सरकार बनी तो किसे मुख्यमंत्री बनाएगी। उसकी ओर से किसी को मुख्यमंत्री का दावेदार घोषित नहीं किया गया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट मांग रहे हैं। पिछले दिनों पटना में नरेंद्र मोदी व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के पोस्टरों की जगह प्रदेश भाजपा नेताओं के पोस्टर लगाए जाने के बाद यह सवाल और ज्यादा पूछा जा रहा है। राजनाथ सिंह का कहना था कि भाजपा के पास प्रदेश के ऐसे नेताओं की लंबी लिस्ट है जो मुख्यमंत्री बनने लायक हैं। महागठबंधन के नेता यह कहकर क्या यह साबित करना चाहते हैं कि दूसरे प्रदेश के लोग यहां प्रचार न करें। वह कटाक्ष करते हैं कि प्रचार अभियान में जो लगे हैं वह भारतीय हैं कोई विदेशी तो नहीं। जनता उनका आशय समझती है और तालियां बजाती है।
Digital Desk: Kamal
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