संविधान दिवस पर दो दिन चली बहस में तमाम नेताओं ने बाबा साहेब अम्बेडकर और संविधान की प्रासंगिगता पर अपनी बात रखी। जिसमें शरद यादव ने कहा कि देश की सरकार को बाबा साहब के उक्त कथनों को गंभीरता से लेना चाहिए और दलितों के प्रति संवेदनशील ही नहीं क्रियाशील भी होना चाहिए।
Digital Desk: Kamal
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