संसद के शीतकालीन सत्र में सोमवार को जहां असहनशीलता पर सत्ता और विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई, वहीं एक समय वह भी आया जब कांग्रेस कोटे से राज्यसभा सांसद कुमारी सैलजा सदन में अपनी आपबीती सुनाते हुए रोने लगीं. उन्होंने बताया कि एक दफा गुजरात के एक मंदिर में उन्हें सिर्फ इसलिए प्रवेश नहीं मिला कि वह एक दलित परिवार से आती हैं. कुमारी सैलजा ने घटना का जिक्र करते कहा, श्जब मैं कैबिनेट मंत्री थी तो गुजरात गई थी. वहां द्वारका के एक मंदिर में मुझे प्रवेश की अनुमति सिर्फ इसलिए नहीं मिली थी कि मैं दलित हूं.’ राज्यसभा में इतना कहते ही उनकी आंखों में आंसू आ गए. सांसद ने कहा कि वह इस घटना का जिक्र इसलिए कर रही हैं कि संसद में संविधान पर चर्चा हो रही है, जबकि बाहरी दुनिया में सच्चाई कुछ और ही है.
Digital Desk: Kamal
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