सियासी गलियारों में अपने बयानों के लिए समय-समय पर चर्चा में रहने वाले काबीना मंत्री मोहम्मद आजम खां ने कहा है कि इस बार विधानसभा चुनाव मुसलमानों की समझदारी से ही हारा या जीता जाएगा। उन्होंने ऐलान कर दिया है कि इस बार विधानसभा चुनाव में वह अपनी जुबान बंद नहीं करेंगे भले ही इसके लिए उन्हें जेल में दिन क्यों न गुजारने पड़ें। वहीं शुक्रवार को लखनऊ में गन्ना किसान संस्थान के सभागार में आयोजित अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के कार्यक्रम में उन्होंने साफ कहा कि इस बार चुनाव में मुसलमानों की भूमिका अहम होगी। इसलिए बहुत मजबूत सियासी फैसले लेने की जरूरत है। वहीं उन्होंने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव की तरह हो सकता है इस बार के विधानसभा चुनाव में भी उनकी कोई बात पकड़ ली जाए और उन्हें खामोश रहने की हिदायत दी जाए। मगर इस बार ऐसी किसी भी पाबंदी को कोई महत्व नहीं देंगे।
Digital Desk: Kamal
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