सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी एवं अन्य नेताओं को राहत प्रदान करते हुए निचली अदालत में पेशी से छूट दे दी। न्यायमूर्ति जगदीश सिंह केहर और न्यायमूर्ति सी नागप्पन की खंडपीठ ने कांग्रेस नेताओं की याचिकाओं की सुनवाई के दौरान इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट सभी ‘आपत्तिजनक’ टिप्पणियों को भी निरस्त कर दिया। न्यायालय ने ‘आपत्तिजनक’ टिप्पणियों के बारे में कहा कि हाईकोर्ट ने अपने अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण किया है। खंडपीठ ने पटियाला हाउस कोर्ट में इन लोगों के खिलाफ केस चलाने पर रोक की मांग को खारिज कर दिया। कांग्रेस नेताओं पर निचली अदालत में मुकदमा जारी रहेगा। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने पिछले साल सात दिसंबर को निचली अदालत के समन निरस्त करने से इनकार ही नहीं कर दिया था बल्कि इस प्रकाशन का नियंत्रण अपने हाथ में लेने के मामले में कांग्रेसी नेताओं के संदिग्ध आचरण पर तीखी टिप्पणियां भी की थी। इसी के बाद सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य आरोपी पिछले साल 19 दिसंबर को पटियाला हाउस अदालत में पेश हुये थे जहां उन्हें जमानत मिल गयी थी। इस मामले में सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत पर निचली अदालत द्वारा निचली अदालत ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सुमन दुबे, मोती लाल वोरा, आस्कर फर्नांडीज, सैम पित्रोदा और यंग इंडियन लिमिटेड को समन जारी किये जाने को चुनौती दी थी। स्वामी ने बंद पड़े इस दैनिक का नियंत्रण अपने हाथ में लेने के लिये इन सभी पर धोखाधड़ी और धन का गबन करने का आरोप लगाया था।
Digital Desk: Kamal
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