एचएमटी फैक्टरी बंद होने से एनडी तिवाड़ी दुखी
(India)
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी शुक्रवार को हल्द्वानी में रानीबाग एचएमटी परिसर में पहुंचे। पर फैक्टरी बंदी का पत्र जब एनडी तिवारी ने पढ़ा तो वह फफक फफक कर रो पड़े। उन्होंने कहा कि उनका लगाया गया पौधा आज मर रहा है। राष्ट्रपति को फोन कर समय मांगा है। वह दिल्ली जाकर एचएमटी और एसटीएस को एम्स बनाने के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से भी कहेंगे। अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े 11 बजे पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व केंद्रीय मंत्री एनडी तिवारी रानीबाग एचएमटी फैक्टरी परिसर में पहुंचे। उनके साथ पुत्र रोहित शेखर तिवारी व पत्नी डॉ. उज्जवला तिवारी भी मौजूद थीं। एनडी का फैक्टरी कर्मचारियों ने जोरदार स्वागत किया। कर्मचारी संघ अध्यक्ष महेंद्र सिंह बिष्ट ने एनडी से कहा कि बंद हो रही एचएमटी को बचाया जाए। इस पर एनडी बोले, किसने कहा एचएमटी बंद हो रही है, कोई लिखित आदेश आया है क्या, हमें दिखाओ। इस पर फैक्टरी के कर्मचारियों ने उन्हें बंदी के लिखित आदेश की कॉपी दिखाई। आदेश पढ़ते-पढ़ते एनडी तिवारी रो पड़े। बोले अब क्या कहूं। जो पौधा लगाया था वह पेड़ बन गया पर आज मर रहा है। इसके लिए राष्ट्रपति से मिलूंगा। एनडी के पुत्र रोहित शेखर तिवारी ने कहा कि पिताजी ने राष्ट्रपति को फोन कर समय मांगा है। 10 मार्च से पहले समय मिल जाएगा। साथ ही वह एसटीएच को एम्स बनाने के लिए भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिलेंगे। करीब एक घंटे एचएमटी फैक्टरी परिसर में रुकने के बाद एनडी वहां से चले गए।

Digital Desk: Kamal

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