पिता ने मेहनत मजदूरी कर बेटे को बनाया क्रिकेटर, ब्लाईंड टी-20 वर्ल्ड कप मे किया कमाल
(Sonipat, Sonipat) सरकार एक तरफ क्रिकेट और बाकि खिलाड़ियो पर पर करोडों खर्च कर रही है, साथ ही पदक विजेताओं को आए दिन करोडों देने की घोषणा करती रहती है। लेकिन जिन खिलाड़ियो ने टी-20 वर्ल्ड कप के फाईनल मे पाक्तिान को हराकर भारत का मान बढाया है, उनकी तरफ सरकार की कोई खास दिलचस्पी नही है। इन्ही मे से एक है हरियाणा के रहने वाले रामबीर, जिनकी तरफ ना ही केन्द्रं और ना ही राज्य सरकार की नजर है। रामबीर के पिता ने अपनी कड़ी मेहनत के बल, मजदुरी कर और लोगो से कर्ज लेकर अपने बेटे के पाला-पोसा है, रामबीर के पिता व ग्रामीणों ने सरकार से जल्द ही रामबीर के लिये सरकारी नौकरी की मांग की है।
रामबीर जिसकी एक आख में मात्र दो साल की आयु में ही कैंसर हो गया था। जिसके बाद जिंदगी बचाने के लिए डाक्टरों ने रामबीर की एक आख निकाल दी, लेकिन दुसरी आख से भी कम दिखाई देने के कारण दिल्ली के दृष्टि बाधित स्कूल में पढाई शुरू की। जिसके बाद रामबीर ने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलना शुरू किया। रामबीर ने एशिया कप के बाद अपने मेहनत के दम पर ब्लाईंड टी-20 टीम के खिलाडी बने और टीम ने वर्ल्ड कप भी जीता। जिसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सभी खिलाडियों को सामानित किया। लेकिन हरियाणा सरकार के किसी भी मंत्री ने रामबीर के लिए अब तक कोई घोषणा नहीं कि है।

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