बयान के मुताबिक दान दी गई राशि को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल/केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल के जवानों के निकटतम परिजनों के खाते में जमा कर दिया जाएगा। इस वेब पोर्टल के जरिए कोई भी अपनी इच्छानुसार किसी भी वीर की आर्थिक सहायता कर सकता है या भारत के वीर कोष में दान दे सकता है।
जानकारी के मुताबिक इस वेबसाइट को तकनीकी रूप से नेशनल इंफोर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) और भारतीय स्टेट बैंक का सहयोग प्राप्त है। इसका अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के लिए इस पर 15 लाख रुपये की सीमा भी लगाई गई है। दान राशि इस सीमा से अधिक होने की स्थिति में दान दाता को इसकी सूचना मिल जाएगी और वे अपने दान का कुछ हिस्सा किसी अन्य खाते में जमा करा सकते हैं। बयान के मुताबिक भारत के वीर का प्रबंधन एक समिति करेगी जिसमें प्रतिष्ठित व्यक्ति और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल होंगे।
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