सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि 67 साल के शरीफ और उनके दो बेटे - हसन एवं हुसैन - जेआईटी के सामने पेश हों। जेआईटी में फेडरल जांच एजेंसी (एफआईए), राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी), पाकिस्तान सुरक्षा एवं विनिमय आयोग (एसईसीपी) इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) और मिलिट्री इंटेलिजेंस (एमआई) के अधिकारी शामिल किए जाएंगे।
जेआईटी को जांच पूरी करने के लिए दो महीने का वक्त दिया गया है। हर दो हफ्ते के बाद जेआईटी पीठ के समक्ष अपनी रिपोर्ट देगी और 60 दिनों में अपना काम पूरा करेगी। न्यायमूर्ति आसिफ सईद खोसा, न्यायमूर्ति गुलजार अहमद, न्यायमूर्ति एजाज अफजल खान, न्यायमूर्ति अजमत सईद और न्यायमूर्ति इजाजुल अहसन की पांच सदस्यीय पीठ ने सुनवाई संपन्न करने के 57 दिन बाद 547 पन्नों का ऐतिहासिक फैसला जारी किया।
Author: JAN TV Editorial Team
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