आईसीजे के अध्यक्ष ने कहा कि आईसीजे की सुनवाई पूरी होने तक कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगाने का फैसला एक मत से लिया गया है। न्यायाधीश ने कहा कि जिन परिस्थितियों में कुलभूषण जाधव को गिरफ्तार किया गया है वह विवादित हैं। भारत को वियना संधि के मुताबिक दूतावास से संपर्क की इजाजत दी जानी चाहिए।
आईसीजे ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा दया याचिका के लिए दी गई 150 दिन की अवधि अगस्त में खत्म हो रही है जो यह संकेत देती है कि इसके फौरन बाद फांसी दी जा सकती है। अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने कहा है कि कुलभूषण जाधव को काउंसलर एक्सेस मिलना चाहिए और आदेश नहीं मानने पर पाकिस्तान पर लगेगा प्रतिबंध कोर्ट ने कहा संधि के तहत पाकिस्तान को काउंसलर एक्सेस मिलना चाहिए और पाक का जासूस का दावा साबित नहीं होता है।
इतना ही नहीं जाधव की गिरफ्तारी एक विवादित मुद्दा है। कोर्ट ने कहा कि दोनों देश मानते हैं कि कुलभूषण जाधव भारतीय है। जस्टिस रोनी अब्राहम ने कहा कि भारत ने तय समय सीमा पर जाधव की फांसी के लिए अपील नहीं की।
Author: JAN TV Editorial Team
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