पैराडाइज पेपर्स में करीब 13.4 मिलियन दस्तावेज हैं जिनमें कई फर्मों और ऐसी फर्जी कंपनियों के नाम हैं जिनके जरिए दुनिया के ताकतवर लोग अपना पैसा विदेशों में भेजने का काम करते हैं। 96 मीडिया ऑर्गेनाइजेशन के साथ मिलकर इंटरनैशनल कॉन्सोर्टियम ऑफ इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स ने 'पैराडाइज पेपर्स' नामक दस्तावेजों की छानबीन की है। 'पैराडाइज पेपर्स' में 1.34 करोड़ दस्तावेज शामिल हैं। पैराडाइज पेपर्स में टैक्स चोरी के लिए 19 जगहों के नाम हैं। इन पेपर्स में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रिटेन की प्राइम मिनिस्टर थेरेसा मे के नाम भी शामिल हैं। 380 जर्नलिस्ट्स ने करीब एक वर्ष तक इस प्रोजेक्ट पर काम किया था। इन पेपर्स में पिछले 70 वर्षों के आंकड़ें दिए गए हैं।
इस लीक का केंद्र ऐपलबी नामक एक लॉ फर्म है जो बरमूडा, ब्रिटेन के वर्जिन आईलैंड, केमैन आईलैंड, आइल ऑफ मैन, जर्सी में स्थित है। पनामा पेपर्स में जिस मोसैक फॉसेंका फर्म का नाम था, उससे अलग यह फर्म खुद को विदेशों में पैसा जमा करने के मामले में नंबर वन करार देती है। कंपनी ने विदेशों में पैसा जमा करने, इसके लिए तंत्र मुहैया कराने और टैक्स बिल को कानूनी तौर पर कम करने के लिए काम किया। कंपनी की मानें तो उसने सभी आरोपों की जांच की है और इस जांच में उसे किसी भी गलत काम का कोई सुबूत नहीं मिला है और न ही उसके क्लाइंट्स ने कोई गलत काम किया है। कंपनी का कहना है कि वह एक लॉ फर्म है जो क्लाइंट्स को उनके बिजनेस के लिए कानूनी तरीकों के बारे में बताती है।
Author: JAN TV Editorial Team
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