धौनी ने कहा, 'मैं यहां दो घटनाओं का जिक्र करना चाहूंगा। हम 2007 में (टी20) विश्व कप के बाद भारत आए और हमने खुली बस में यात्रा की और हम मरीन ड्राइव (मुंबई) में खड़े रहे। हर तरफ जाम लगा था और लोग हमारे स्वागत के लिए अपनी कारों में आए थे।' उन्होंने कहा, 'इसलिए मुझे हर किसी के चेहरे पर खुशी देखकर अच्छा लगा था। क्योंकि दर्शकों में कई ऐसे लोग रहे होंगे जिनकी फ्लाइट छूट गई होगी, हो सकता है कि वे किसी जरूरी काम से जा रहे हों। वो शानदार स्वागत था। पूरा मरीन ड्राइव एक छोर से दूसरे छोर तक भरा था।'
धौनी ने इसके बाद 2011 में खेले गए विश्व कप के फाइनल मैच का वो पल था जब भारत जीत के करीब था और दर्शक 'वंदे मातरम' चिल्ला रहे थे। धौनी ने इस महत्वपूर्ण मैच में नॉटआउट 91 रन बनाए थे।
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