देश की अर्थव्यवस्था दूसरी तिमाही में 8.4 फीसीद की दर से बढ़ी है.ये विकास दर सभी अनुमानों के मुताबिक ही रही.अर्थव्यवस्था में सुधार का सबसे बड़ा कारण खपत और निवेश में सुधार रहा.वैक्सीनेशन, कम ब्याज दरों की वजह से सेंटिमेंट में भी सुधार दिखा.ये लगातार चौथी तिमाही है जब जीडीपी की विकास दर पॉजिटिव जोन में रही है.इस साल के लिए सरकार ने फिस्कल डेफिसिट का लक्ष्य 6.8 फीसदी रखा है। हालांकि सरकार के लिए ये संभव नहीं है, क्योंकि उसने हाल में मुफ्त राशन का समय बढ़ा दिया है इससे फिस्कल डेफिसिट बढ़ सकता है.देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का अनुमान है कि GDP की विकास दर 8.1% रह सकती है। इसने कहा है कि दुनिया के सभी देशों की अर्थव्यवस्था की तुलना में भारत की विकास की रफ्तार ज्यादा रह सकती है।
Digital Desk: Firoz Khan
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