यह AI सिस्टम जानवरों की आवाज़ और उनके शारीरिक संकेतों को रिकॉर्ड करेगा, जैसे उनके चलने का तरीका और दिल की धड़कन। इन सभी डेटा के आधार पर, AI यह समझेगा कि जानवर खुश है, डर रहा है या भूखा है, और फिर इसे इंसानी शब्दों में बदल देगा। Baidu का मानना है कि इस तकनीक से इंसान और जानवरों के बीच बेहतर संवाद हो सकेगा। हालांकि, यह प्रोजेक्ट अभी शोध के चरण में है और इसके लॉन्च की कोई निश्चित तारीख नहीं है। Baidu अकेली कंपनी नहीं है, दुनियाभर में वैज्ञानिक जानवरों की भाषा समझने के लिए AI तकनीक का उपयोग कर रहे हैं, जैसे Project CETI, जो व्हेल मछलियों के संवाद पर काम कर रहा है।
Author: JAN TV Editorial Team
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