इसके साथ ही ग्रॉस एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां) में मामूली वृद्धि और ऋण वृद्धि (loan growth) की धीमी रफ्तार ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। विश्लेषकों का मानना है कि ग्रामीण और माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो पर अधिक निर्भरता बैंक के जोखिम को बढ़ा रही है।
बंधन बैंक प्रबंधन का कहना है कि आने वाले महीनों में कलेक्शन रेट बेहतर होने और ऋण वितरण में सुधार की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार, बैंक के लिए अगली दो तिमाहियाँ महत्वपूर्ण रहेंगी, जिनमें एसेट क्वालिटी और लाभप्रदता में सुधार की दिशा तय होगी।
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