शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने आरोप लगाया कि मुंबई जैसे बड़े शहर में वोटिंग पैटर्न बेहद चौंकाने वाला रहा। उनके मुताबिक, शिवसेना (यूबीटी), मनसे और कांग्रेस के प्रभाव वाले इलाकों में हजारों मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब पाए गए, जबकि वही लोग विधानसभा चुनाव में मतदान कर चुके थे। राउत ने ईवीएम मशीनों के ठीक से काम न करने और चुनाव आयोग की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने यह भी दावा किया कि आचार संहिता के बावजूद भाजपा नेताओं और चुनाव आयोग के अधिकारियों के बीच बैठक हुई।
वहीं भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि जनता ने भाजपा के कामकाज पर भरोसा जताया है, सिर्फ भाषणों पर नहीं। उनका दावा है कि मुंबई में भाजपा 90 से कम सीटें नहीं जीतेगी, जबकि शिवसेना करीब 40 सीटों पर सिमट सकती है। पुणे में भी भाजपा के 115 से ज्यादा सीटें जीतने का अनुमान जताया गया है। भाजपा का कहना है कि जनता ने विकास के आधार पर फैसला किया है, न कि राजनीतिक गठबंधनों के आधार पर।
Author: JAN TV Editorial Team
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