रिंकू के आंकड़े उनकी अहमियत को और मजबूत करते हैं। टी20I में अब तक उन्होंने इन दो ओवरों में 74 गेंदों पर 213 रन बनाए हैं, जिसमें लगभग हर दूसरी गेंद बाउंड्री रही है। कुल 36 टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनका औसत 45 से ऊपर और स्ट्राइक रेट 165 के आसपास है, जो बताता है कि वह सिर्फ फिनिशर ही नहीं, बल्कि मैच विनर भी हैं। घरेलू क्रिकेट में भी, खासकर विजय हजारे ट्रॉफी में, उनका फॉर्म शानदार रहा है।
इसके बावजूद वर्ल्ड कप की प्लेइंग-11 में उनकी जगह पक्की नहीं मानी जा रही। तिलक वर्मा की फिटनेस के बाद वापसी और शिवम दुबे की ऑलराउंड क्षमता टीम मैनेजमेंट के सामने संतुलन की चुनौती खड़ी करती है। सवाल यही है कि क्या भारत एक स्पेशलिस्ट फिनिशर को तरजीह देगा या ऑलराउंड विकल्प को। फिलहाल रिंकू का बल्ला जवाब दे रहा है, लेकिन अंतिम फैसला टीम संयोजन पर निर्भर करेगा।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।