समिति ने दो राजस्व अधिकारियों पर उठाए सवाल, सरकार के अगले कदम पर निगाहें
(India) पुणे के मुंढवा क्षेत्र से जुड़े चर्चित जमीन सौदे में Parth Pawar को जांच समिति से राहत मिली है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) Vikas Kharge की अध्यक्षता वाली समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पार्थ पवार की प्रत्यक्ष अनियमितता साबित नहीं होती। हालांकि, सौदे की प्रक्रिया में शामिल दो अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
रिपोर्ट में हवेली के तहसीलदार सूर्यकांत येवले और सहायक पंजीयक रविंद्र तारू के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है। दोनों अधिकारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब आरोप लगा कि कथित तौर पर ऊंचे बाजार मूल्य वाली जमीन अपेक्षाकृत कम कीमत पर खरीदी गई और स्टांप ड्यूटी में भी राहत दी गई।
जांच रिपोर्ट राजस्व मंत्री Chandrashekhar Bawankule को सौंप दी गई है और इसे जल्द ही मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा। वहीं राज्य के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने पहले ही मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए थे। रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और अब सबकी नजरें सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।