उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज का यात्री केवल घूमने नहीं, बल्कि अनुभव, प्रामाणिकता और सांस्कृतिक जुड़ाव की तलाश में निकलता है। पर्यटन एक ऐसा माध्यम है जो विरासत, परंपरा और आधुनिक अवसरों को जोड़ता है। यह सॉफ्ट डिप्लोमेसी को मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक संभावनाओं को भी बढ़ावा देता है। उन्होंने जिम्मेदार और सतत पर्यटन मॉडल विकसित करने पर जोर दिया, जिससे दोनों देशों को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।
इस अवसर पर ‘स्टेट ऑफ इंडिया टूरिज्म 2026’ रिपोर्ट भी जारी की गई, जिसे केंद्रीय मंत्री Gajendra Singh Shekhawat ने उपराष्ट्रपति को प्रस्तुत किया। समिट में नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भारत के पर्यटन क्षेत्र के भविष्य और निवेश अवसरों पर विस्तार से चर्चा की।
Author: JAN TV Editorial Team
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