रेलवे के नाम पर ठगी का जाल, पेंशनभोगियों को विशेष चेतावनी जारी
(India) देश में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच Indian Railways ने पेंशनभोगियों और यात्रियों के लिए अहम अलर्ट जारी किया है। ठग रेलवे अधिकारी बनकर फोन, व्हाट्सऐप या एसएमएस के जरिए बैंक डिटेल, ओटीपी और पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी मांग रहे हैं। रेलवे ने साफ कहा है कि कोई भी अधिकारी इस तरह की संवेदनशील जानकारी नहीं मांगता। पीपीओ अपडेट, केवाईसी वेरिफिकेशन या अतिरिक्त पेंशन लाभ के नाम पर भेजे जा रहे लिंक पूरी तरह फर्जी हो सकते हैं।
संसद सत्र के दौरान रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने बताया कि ई-टिकट सिस्टम को सुरक्षित बनाने के लिए कई तकनीकी कदम उठाए गए हैं। आधार आधारित प्रमाणीकरण और मल्टीलेवल साइबर सिक्योरिटी के जरिए वर्ष 2025 में 3.03 करोड़ संदिग्ध यूजर आईडी निष्क्रिय की गईं। साथ ही हजारों करोड़ मैलिशियस बॉट रिक्वेस्ट को ब्लॉक किया गया और संदिग्ध ईमेल डोमेन पर भी कार्रवाई की गई है।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश की तुरंत पुलिस की साइबर सेल या संबंधित प्रशासनिक कार्यालय में शिकायत करें। ऑनलाइन तत्काल टिकट बुकिंग में अब आधार आधारित ओटीपी वेरिफिकेशन लागू किया गया है, ताकि फर्जी बुकिंग पर लगाम लगाई जा सके और आम यात्रियों को सुरक्षित व सुगम सेवा मिल सके।

Author: JAN TV Editorial Team

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