एक लेख के माध्यम से उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी राष्ट्र के शीर्ष नेतृत्व को चल रही कूटनीतिक वार्ताओं के बीच निशाना बनाया जाता है, तो यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों में गंभीर अस्थिरता का संकेत है। उन्होंने आगाह किया कि ऐसे घटनाक्रम विश्व राजनीति में नए तनाव को जन्म दे सकते हैं और भारत को अपने दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट नीति अपनानी चाहिए।
सोनिया गांधी ने जोर दिया कि भारत की विदेश नीति ऐतिहासिक रूप से संतुलन और रणनीतिक स्वायत्तता पर आधारित रही है। ऐसे में मौजूदा परिस्थिति में चुप्पी देश की कूटनीतिक विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर सकती है।
Author: JAN TV Editorial Team
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