बैठक के बाद पश्चिम बंगाल की वित्त मंत्री Chandrima Bhattacharya ने कहा कि जब पार्टी इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट जा चुकी है, तो चुनाव आयोग ने उसी का हवाला देकर चर्चा से बचने की कोशिश की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रतिनिधिमंडल को अपनी बात पूरी तरह रखने का मौका नहीं मिला। इस बीच Firhad Hakim ने दावा किया कि मतदाता सूची को लेकर पैदा की जा रही आशंकाओं से आम नागरिकों को परेशान होना पड़ रहा है।
टीएमसी नेताओं का कहना है कि मतदान का अधिकार एक संवैधानिक अधिकार है और किसी भी असली नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटाना उचित नहीं होगा। पार्टी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के अधिकारों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और इस मुद्दे पर पारदर्शिता बरती जाए।
Author: JAN TV Editorial Team
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