ईरान में तेल भंडारों की आग से उठा काला धुआं, क्या पश्चिमी हवाएं इसे भारत तक ला सकती हैं?
(India) पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान में तेल भंडार और रिफाइनरी में लगी भीषण आग से भारी मात्रा में धुआं वातावरण में फैल गया है। उपग्रह तस्वीरों के आधार पर विशेषज्ञों का कहना है कि यह धुआं फिलहाल सीमित क्षेत्र तक ही फैला है, लेकिन तेज पश्चिमी हवाओं के कारण इसके पाकिस्तान की ओर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इसी बीच भारत के कुछ हिस्सों में आसमान धुंधला दिखने को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं, हालांकि वैज्ञानिक इसे सीधे तौर पर ईरान की आग से जोड़ने से बच रहे हैं।
वायु प्रदूषण विशेषज्ञों के मुताबिक अभी तक यह धुआं भारत से काफी दूर है और इसके यहां तक पहुंचने की संभावना कई परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। धुएं की ऊंचाई, उसकी रासायनिक संरचना और हवाओं की दिशा जैसे कारक तय करेंगे कि यह कितनी दूर तक असर डाल सकता है। मौसम विभाग का भी कहना है कि सैद्धांतिक रूप से धुआं पूर्व दिशा की ओर जा सकता है, लेकिन इसका वास्तविक प्रभाव अभी स्पष्ट नहीं है।
दूसरी ओर पाकिस्तान के कुछ इलाकों में प्रदूषण बढ़ने को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। वहां के मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि धुएं का गुबार आगे बढ़ता है तो बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के शहरों में हवा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे प्रदूषण से बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी वाले लोगों को सबसे ज्यादा खतरा हो सकता है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।