वायु प्रदूषण विशेषज्ञों के मुताबिक अभी तक यह धुआं भारत से काफी दूर है और इसके यहां तक पहुंचने की संभावना कई परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। धुएं की ऊंचाई, उसकी रासायनिक संरचना और हवाओं की दिशा जैसे कारक तय करेंगे कि यह कितनी दूर तक असर डाल सकता है। मौसम विभाग का भी कहना है कि सैद्धांतिक रूप से धुआं पूर्व दिशा की ओर जा सकता है, लेकिन इसका वास्तविक प्रभाव अभी स्पष्ट नहीं है।
दूसरी ओर पाकिस्तान के कुछ इलाकों में प्रदूषण बढ़ने को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। वहां के मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि धुएं का गुबार आगे बढ़ता है तो बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के शहरों में हवा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे प्रदूषण से बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी वाले लोगों को सबसे ज्यादा खतरा हो सकता है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
Author: JAN TV Editorial Team
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