बहस के दौरान कांग्रेस सांसद Manickam Tagore ने बिल का समर्थन करते हुए आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग भी उठाई। वहीं, तेदेपा नेता Chandra Sekhar Pemmasani ने इसे राज्य के विकास के लिए जरूरी कदम बताया। भाजपा सांसद C. M. Ramesh ने कहा कि यह स्वतंत्र भारत में पहली बार है जब संसद ने किसी शहर को राजधानी बनाने के लिए विधेयक पारित किया है।
हालांकि, वाईएसआर कांग्रेस के सांसद P. V. Midhun Reddy ने किसानों के हितों और मुआवजे को लेकर चिंता जताते हुए बिल का विरोध किया। उल्लेखनीय है कि राज्य पुनर्गठन के बाद Hyderabad कुछ समय तक आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की साझा राजधानी रहा था। अब इस विधेयक के लागू होने के बाद अमरावती को कानूनी रूप से आंध्र प्रदेश की एकमात्र राजधानी का दर्जा मिल जाएगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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