राघव चड्ढा और उनकी ही पार्टी (AAP) के बीच बढ़ती दूरियों ने भी इस मामले को तूल दे दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उन पर संसद में पंजाब के वित्तीय हितों, जैसे कि ₹8,500 करोड़ के ग्रामीण विकास कोष और जीएसटी मुआवजे से जुड़े मुद्दों को न उठाने का आरोप लगाया है। पार्टी ने उनकी इस चुप्पी को 'निराशाजनक' बताते हुए उन्हें उच्च सदन के उपनेता पद से भी हटा दिया था। इन आरोपों पर पलटवार करते हुए चड्ढा ने इसे एक सुनियोजित अभियान बताया और फिल्मी अंदाज में कहा, "घायल हूं, इसीलिए घातक हूं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि वे हमेशा सदन में विपक्ष के साथ खड़े रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज से इसकी पुष्टि की जा सकती है।
Author: JAN TV Editorial Team
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