संसद में संविधान संशोधन पर संग्राम: महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर पक्ष-विपक्ष में तीखी बहस
(India) संसद के विशेष सत्र में संविधान संशोधन और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर चर्चा के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार वैचारिक टकराव देखने को मिला। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने चर्चा की शुरुआत करते हुए स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण को 2026 के बाद होने वाली जनगणना और परिसीमन के आधार पर लागू किया जाएगा। इस बदलाव के बाद लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 815 होने का अनुमान है, जिनमें से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। सरकार का तर्क है कि इससे किसी भी राज्य की मौजूदा ताकत कम नहीं होगी, बल्कि प्रतिनिधित्व और अधिक मजबूत होगा। भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने दक्षिण भारतीय राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह संवैधानिक है और विपक्ष इस पर भ्रम फैला रहा है।
दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ना इसे लटकाने की एक साजिश है और सरकार वास्तव में परिसीमन को "बैकडोर" से लागू करना चाहती है। वहीं, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सरकार को घेरते हुए जाति जनगणना की मांग दोहराई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनगणना को जानबूझकर टाल रही है ताकि आरक्षण की मूल भावना को दबाया जा सके। गृह मंत्री अमित शाह ने सदन को आश्वस्त किया कि सभी संशोधनों पर व्यापक चर्चा की जाएगी और जनगणना में जातिगत पहलुओं पर भी विचार होगा।

Author: JAN TV Editorial Team

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