Srinagar में तीर्थयात्री सबसे पहले Haj House Bemina पहुंचे, जहां से वे Srinagar International Airport के लिए रवाना हुए। इसी के साथ जम्मू-कश्मीर से हज यात्रा का औपचारिक आगाज़ हो गया।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भी श्रद्धालुओं के उत्साह और विश्वास में कोई कमी नहीं दिखी। पहली बार हज पर जा रहे लतीफ हुसैन मलिक ने कहा कि वे पूरी तरह आश्वस्त हैं और उन्हें अल्लाह पर पूरा भरोसा है कि यात्रा सुरक्षित और सफल रहेगी।
परिजनों में शुरुआत में थोड़ी चिंता जरूर थी, लेकिन अब माहौल शांत होने के बाद वे संतुष्ट नजर आए। शकील मलिक ने बताया कि यह स्वाभाविक है कि परिवार को चिंता होती है, लेकिन अब उन्हें भरोसा है कि सब कुछ ठीक रहेगा।
वहीं New Delhi में भी पहले जत्थे के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां से रवाना हो रहे अब्दुल वहाब ने इसे “अल्लाह का बुलावा” बताते हुए इसे अपने जीवन का गर्वपूर्ण क्षण बताया।
साल 2026 में भारत से करीब 1.75 लाख श्रद्धालु हज यात्रा पर जाने की उम्मीद है। यह यात्रा मई के अंत तक चलेगी और पूरे देश में 17 अलग-अलग एम्बार्केशन पॉइंट्स से उड़ानें संचालित की जाएंगी।
आस्था, विश्वास और समर्पण के इस सफर में तमाम चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह यह दिखाता है कि हज सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि गहरे आध्यात्मिक जुड़ाव का प्रतीक है।
Author: JAN TV Editorial Team
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