प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आग रिफाइनरी की प्रोसेसिंग यूनिट में लगी। घटना के बाद पूरे परिसर में अफरातफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट पर आ गईं।
आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी भीषण थी कि उसका धुआं करीब एक किलोमीटर दूर से भी दिखाई दे रहा था। आसमान में उठते काले धुएं ने स्थिति की गंभीरता को और बढ़ा दिया।
मौके पर 20 से अधिक दमकल गाड़ियां तैनात की गई हैं और आग पर काबू पाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास जारी हैं।
प्रशासन की कोशिश है कि आग को अन्य यूनिट्स तक फैलने से रोका जाए।
21 अप्रैल को सुबह करीब 11:30 बजे रिफाइनरी का उद्घाटन प्रस्तावित था।
इस घटना के बाद कार्यक्रम पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अंतिम निर्णय स्थिति सामान्य होने के बाद ही लिया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल्द ही आग पर काबू पाने की उम्मीद है। जांच एजेंसियां आग के कारणों का पता लगाने में जुटी हैं।
उद्घाटन से ठीक पहले लगी इस आग ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स में जोखिम प्रबंधन की जरूरत को भी उजागर किया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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