राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सिविल सेवकों को बधाई देते हुए कहा कि नीतियों के निर्माण से लेकर उनके प्रभावी क्रियान्वयन तक उनका काम लाखों लोगों के जीवन पर सीधा असर डालता है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे भारत नई आकांक्षाओं के साथ आगे बढ़ रहा है, सिविल सेवकों की ईमानदारी और सहानुभूति समावेशिता को बढ़ावा देने और राज्य तथा नागरिकों के बीच विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सिविल सेवकों को देश निर्माण की मजबूत कड़ी बताते हुए कहा कि जमीनी स्तर से लेकर नीति निर्माण तक वे भारत की प्रगति में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कामना की कि सिविल सेवक उत्कृष्ट प्रदर्शन, करुणा और नवाचार के साथ राष्ट्र की सेवा करते रहें।
आज के कार्यक्रम में भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन सिविल सेवकों को संबोधित करेंगे। उद्घाटन सत्र में कार्मिक मंत्रालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह संबोधित करेंगे, जबकि कैबिनेट सचिव टी. वी. सोमनाथन स्वागत भाषण देंगे। इसके बाद 'सिविल सेवाओं की भूमिका और प्रभावशीलता' विषय पर एक पैनल चर्चा होगी जिसमें सरकारी, उद्योग और नीति संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल होंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिविल सेवकों को बधाई देते हुए कहा कि नीतियों को लागू करने और नागरिकों की सेवा करने में उनका समर्पण राष्ट्र निर्माण में अहम है। वहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पर सिविल सेवकों की मेहनत और जनकल्याण के प्रति उनकी निष्ठा की सराहना की।
गौरतलब है कि यह दिन 1947 में सरदार वल्लभभाई पटेल के उस ऐतिहासिक संबोधन की याद में मनाया जाता है, जिसमें उन्होंने सिविल सेवकों को 'भारत का स्टील फ्रेम' कहा था। तब से हर 21 अप्रैल को देश के प्रशासनिक अधिकारियों के योगदान को सम्मान दिया जाता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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