वन विभाग के अनुसार, इस चीते को सबसे पहले मार्च में बारां जिले में देखा गया था। पिछले कुछ दिनों में यह शेरगढ़ अभयारण्य में डेरा जमाए हुए है, जिससे अधिकारियों की निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी गई है।
बारां के जिला वन मंडल अधिकारी विवेकानंद माणिकराव ने बताया कि KP-3 बीते एक महीने में कई इलाकों—किशनगंज, अतरू, छीपाबड़ौद और नाहरगढ़ रेंज—में सक्रिय रहा और करीब 7-8 शिकार भी कर चुका है।
वन विभाग और कूनो की टीम मिलकर लगातार इसकी मूवमेंट पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही यह चीता किसी नए क्षेत्र में प्रवेश करता है, वहां तुरंत टीम तैनात कर दी जाती है ताकि उसकी सुरक्षा और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
गौरतलब है कि इससे पहले दिसंबर 2025 में एक अन्य चीता KP-2 भी कूनो नेशनल पार्क से निकलकर राजस्थान के बारां जिले तक पहुंच गया था।
फिलहाल, वन विभाग की टीमें अलर्ट मोड पर हैं और चीते की हर गतिविधि पर करीबी नजर रखी जा रही है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।