हरित परिवहन सम्मेलन में बोलते हुए गडकरी ने कहा कि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा तेल आयात करता है जिससे आर्थिक बोझ और प्रदूषण दोनों बढ़ते हैं। ऐसे में एथनॉल और अन्य जैव ईंधनों को बढ़ावा देना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि Narendra Modi ने वर्ष 2023 में 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित पेट्रोल यानी E20 की शुरुआत की थी और वर्तमान में वाहन मामूली बदलाव के साथ इस पर चल सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ब्राजील जैसे देशों में 100 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण पहले से लागू है।
गडकरी ने फ्लेक्स फ्यूल वाहनों को भविष्य के लिए अहम बताया। ऐसे वाहन पेट्रोल या डीजल के साथ एथनॉल या मेथनॉल जैसे ईंधनों पर भी चल सकते हैं। उन्होंने कहा कि नए ईंधन विकल्पों को अपनाने से न केवल आयात कम होगा बल्कि पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
हरित हाइड्रोजन को भविष्य का ईंधन बताते हुए गडकरी ने कहा कि इसकी लागत कम करना और परिवहन आसान बनाना जरूरी है ताकि यह व्यापक स्तर पर उपयोग में आ सके। उन्होंने लक्ष्य रखा कि हाइड्रोजन की कीमत को करीब एक डॉलर प्रति किलोग्राम तक लाया जाए जिससे भारत ऊर्जा निर्यातक बन सके।
गडकरी ने कहा कि पेट्रोल और डीजल वाहनों के उपयोग को धीरे धीरे कम करना होगा हालांकि लोगों पर इसे लेकर कोई दबाव नहीं डाला जा सकता। उन्होंने वाहन कंपनियों से गुणवत्ता पर ध्यान देने और नए बाजारों में विस्तार करने की अपील भी की।
Author: JAN TV Editorial Team
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