कच्चे तेल में उछाल से बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 852 अंक लुढ़का
(India) शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल रहा। वैश्विक तनाव और US-Iran सीजफायर वार्ता में ठहराव के चलते ब्रेंट क्रूड एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जिससे निवेशकों की धारणा कमजोर हुई।

बाजार पर विदेशी फंड्स की लगातार निकासी, रुपये की कमजोरी और एशियाई व यूरोपीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का भी असर पड़ा। ब्रेंट क्रूड करीब 2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 104 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 852 अंक गिरकर 77,664 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 205 अंक टूटकर 24,173 पर आ गया।

सेंसेक्स में ट्रेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा और इंफोसिस सबसे बड़े नुकसान में रहे। वहीं अडानी पोर्ट्स, एलएंडटी, सन फार्मा, भारती एयरटेल और बीईएल में बढ़त देखने को मिली।

बाजार विशेषज्ञ के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी अनिश्चितता और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव ने तेल आपूर्ति को प्रभावित किया है, जिससे महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है।

सेक्टोरल फ्रंट पर ऑटो, रियल्टी, बैंकिंग, आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में गिरावट रही, जबकि हेल्थकेयर, कैपिटल गुड्स और पावर सेक्टर में मजबूती देखी गई।

एशियाई बाजारों में जापान, चीन और हांगकांग के सूचकांक लाल निशान में बंद हुए, जबकि दक्षिण कोरिया का बाजार बढ़त में रहा। यूरोपीय बाजार भी ज्यादातर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को भी बिकवाली जारी रखते हुए 2,078 करोड़ रुपये से अधिक की इक्विटी बेच दी।

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।