भिवानी स्थित मूल्यांकन केंद्रों पर जांच के दौरान कई उत्तर पुस्तिकाओं में “कृपया पास कर दीजिए, मेरी सगाई टूट जाएगी” और “मेरी मां बीमार हैं, इसलिए पढ़ाई नहीं कर पाया” जैसे संदेश मिले।
बोर्ड अधिकारियों के अनुसार कुछ छात्रों ने अपनी व्यक्तिगत जानकारी भी उत्तर पुस्तिकाओं में लिख दी, जो परीक्षा नियमों का उल्लंघन है।
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने बताया कि मूल्यांकन के दौरान इस तरह के कई मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों ने पारिवारिक परिस्थितियों और भावनात्मक दबाव का हवाला देकर परीक्षकों से सहानुभूति की अपील की है।
डॉ. पवन कुमार ने स्पष्ट किया कि ऐसे किसी भी अनुरोध के आधार पर अंक नहीं दिए जाते और मूल्यांकन केवल परीक्षा प्रदर्शन के आधार पर होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि छात्र अक्सर तनाव में आकर इस तरह की अपील लिख देते हैं, लेकिन उत्तर पुस्तिका में अपनी पहचान उजागर करना नियमों के खिलाफ है।
अधिकारियों ने बताया कि केवल उन्हीं मामलों में कार्रवाई की जा रही है जहां छात्रों ने अपनी पहचान या संस्थान की जानकारी उजागर की है, जबकि गुमनाम भावनात्मक अपील को गंभीर उल्लंघन नहीं माना जा रहा है।
Author: JAN TV Editorial Team
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