यह निर्णय 20 अप्रैल को सरकार द्वारा लिया गया था, जिसमें अच्छी फसल और देश में पर्याप्त भंडार को ध्यान में रखा गया था। इसके बाद अब कुल 50 लाख टन गेहूं और 10 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात की अनुमति मिल गई है।
DGFT ने अपनी अधिसूचना में स्पष्ट किया है कि गेहूं निर्यात नीति अभी भी “प्रतिबंधित” बनी रहेगी, लेकिन विशेष परिस्थितियों में अतिरिक्त मात्रा के निर्यात की अनुमति दी गई है। इसके लिए विस्तृत नियम अलग आदेश के माध्यम से जारी किए जाएंगे।
अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि अन्य देशों की खाद्य सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार द्वारा पहले से दी गई अनुमति के तहत निर्यात जारी रहेगा। यह मात्रा अलग से स्वीकृत 25 लाख टन के अतिरिक्त होगी।
कृषि मंत्रालय के अनुसार, फसल वर्ष 2025-26 में देश का गेहूं उत्पादन करीब 12.02 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जिससे आपूर्ति स्थिति मजबूत बनी हुई है।
Author: JAN TV Editorial Team
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