यह परियोजना भारत में ग्रीन और आधुनिक परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। नई तकनीक होने के कारण ट्रेन को शुरू करने से पहले कई स्तरों पर अनिवार्य जांच की जा रही है।
इनमें सुरक्षा निरीक्षण, Research Designs and Standards Organisation के ट्रायल, Petroleum and Explosives Safety Organisation की जांच और अन्य तकनीकी परीक्षण शामिल हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, हाइड्रोजन तकनीक अभी शुरुआती चरण में है, इसलिए नई चुनौतियां सामने आ रही हैं, लेकिन रेलवे टीम लगातार इसे सफल और भरोसेमंद बनाने के लिए काम कर रही है।
फिलहाल इस ट्रेन को जींद से Sonipat रूट पर चलाने की योजना है। ट्रायल और सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इसके संचालन, रूट और समय सारणी पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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