दिल्ली कैपिटल्स ने अब तक 10 मैचों में सिर्फ आठ अंक हासिल किए हैं और टीम अंक तालिका में सातवें स्थान पर है। प्लेऑफ की उम्मीद बनाए रखने के लिए दिल्ली को अपने बाकी सभी चार मुकाबले जीतने होंगे। दूसरी ओर, आठवें स्थान पर मौजूद केकेआर को भी प्लेऑफ में पहुंचने के लिए शेष पांचों मैच जीतने की जरूरत है।
दिल्ली की सबसे बड़ी चिंता उसकी अस्थिर बल्लेबाजी रही है। टीम कभी मुश्किल पिचों पर लड़खड़ा जाती है तो कभी बड़े स्कोर का बचाव नहीं कर पाती। माना जा रहा है कि केकेआर के स्पिनर Varun Chakravarthy और Sunil Narine की चुनौती से बचने के लिए दिल्ली बल्लेबाजों के अनुकूल पिच नंबर छह पर मैच खेल सकती है, जहां उसने पंजाब किंग्स के खिलाफ 264 रन बनाए थे।
हालांकि, उस मुकाबले में भी टीम जीत दर्ज नहीं कर पाई थी। वहीं सीम और धीमी पिचों पर दिल्ली के बल्लेबाज लगातार संघर्ष करते नजर आए हैं। गुजरात टाइटंस के खिलाफ Rashid Khan और चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ Noor Ahmad तथा Akeal Hosein की स्पिन गेंदबाजी के सामने दिल्ली का मध्यक्रम टिक नहीं पाया था।
केकेआर के स्पिनर नारायण और वरुण का इकॉनमी रेट नौ से कम है, जिससे साफ है कि दिल्ली के बल्लेबाजों के लिए यह मुकाबला आसान नहीं होने वाला।
दिल्ली के लिए इस सीजन में KL Rahul सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज रहे हैं। उन्होंने 180 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 445 रन बनाए हैं, लेकिन अन्य बल्लेबाजों से उन्हें पर्याप्त समर्थन नहीं मिला। वहीं, Kuldeep Yadav की खराब फॉर्म भी टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
Author: JAN TV Editorial Team
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