मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने कहा कि यह कदम सुरक्षा और सीमावर्ती इलाकों में बढ़ते अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए अहम है। उन्होंने बताया कि भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी और इसे 45 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार के इस फैसले का सीमावर्ती जिलों, खासकर मालदा क्षेत्र में रहने वाले लोगों ने स्वागत किया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बाड़ न होने के कारण अक्सर अवैध घुसपैठ और अतिक्रमण जैसी समस्याएं सामने आती थीं।
मालदा के पंचायत सदस्य महादेव मंडल ने कहा कि फेंसिंग से क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ेगी और अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी। वहीं स्थानीय निवासी दलदानब मंडल ने भी इस फैसले को सकारात्मक बताया और जल्द काम शुरू होने की उम्मीद जताई।
बांग्लादेश से सटी Bangladesh सीमा पश्चिम बंगाल में लगभग 2,217 किलोमीटर लंबी है, जिसमें कई हिस्से अब भी बिना बाड़ के हैं, जिससे यह क्षेत्र संवेदनशील माना जाता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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