अधिकारियों के अनुसार, इस प्रजनन सीजन में अब तक लगभग 16 चूजे सफलतापूर्वक जन्म ले चुके हैं। वैज्ञानिक प्रजनन तकनीकों की मदद से हैचिंग दर में लगातार सुधार हो रहा है।
जिला वन अधिकारी Brijmohan Gupta ने बताया कि वर्तमान में रामदेवरा सेंटर में 60 और सम ब्रीडिंग सेंटर में 24 ग्रेट इंडियन बस्टर्ड मौजूद हैं, जिससे कुल संख्या 84 हो गई है।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष जन्मे 16 चूजों में से एक प्राकृतिक रूप से, चार प्राकृतिक मैटिंग से और 11 कृत्रिम गर्भाधान (AI) तकनीक से पैदा हुए हैं। पिछले वर्ष भी 25 में से 13 चूजे AI तकनीक से सफलतापूर्वक जन्मे थे, जो इस तकनीक की सफलता को दर्शाता है।
नवजात चूजों को विशेष देखभाल में रखा गया है, जहां तापमान नियंत्रित आश्रय, स्वच्छ पानी और संतुलित आहार जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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