कोटा में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए ओम बिरला ने इन मौतों को “अत्यंत संवेदनशील मामला” बताया। उन्होंने कहा कि इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अधिकारियों को जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए हैं।
एम्स के नेतृत्व वाली टीम कोटा और बूंदी जिलों के अस्पतालों का निरीक्षण करेगी। जांच के दौरान ऑपरेशन थिएटर की संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था, सर्जिकल प्रक्रियाओं और अस्पताल प्रबंधन प्रणाली की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही टीम संस्थागत सुधारों के सुझाव भी देगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नई मानक संचालन प्रक्रियाएं तैयार करेगी।
अधिकारियों के अनुसार, अब तक सरकारी अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद चार महिलाओं की मौत हो चुकी है। मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन सतर्क हो गया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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