Gaya के सर्राफा कारोबारियों ने कहा कि सोने और चांदी की बढ़ती कीमतों से ग्राहक पहले ही खरीदारी कम कर चुके हैं। अब प्रधानमंत्री की अपील के बाद बाजार में और सुस्ती आने की आशंका है। कारोबारियों का कहना है कि छोटे दुकानदारों और कर्मचारियों की रोजी-रोटी पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
कुछ व्यापारियों ने यह भी कहा कि वे देश की आर्थिक परिस्थितियों को समझते हैं, लेकिन पूरी तरह से सोना खरीदने से रोकने की सलाह व्यवहारिक नहीं है। उनका मानना है कि सीमित खरीदारी, पुराने गहनों का एक्सचेंज या गोल्ड टर्नओवर जैसे विकल्प सुझाए जा सकते थे।
वहीं Patna के कारोबारियों ने छोटे व्यापारियों की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताई। उनका कहना है कि कई ज्वेलर्स की दुकानें लगभग खाली पड़ी हैं और बिक्री न होने से कर्मचारियों और परिवारों का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में एक जनसभा के दौरान वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव का जिक्र करते हुए लोगों से एक साल तक सोना खरीदने से बचने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे सोने के आयात का दबाव बढ़ा है।
Author: JAN TV Editorial Team
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