सोने-चांदी पर आयात शुल्क बढ़ा, ज्वेलरी कारोबार पर बढ़ी चिंता
(India) केंद्र सरकार ने सोने और चांदी के आयात पर शुल्क बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले यह शुल्क 6 प्रतिशत था। सरकार का कहना है कि यह फैसला कीमती धातुओं के आयात को नियंत्रित करने और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।

All India Gems and Jewellery Council के अनुसार इस फैसले से देश में सोना और महंगा हो जाएगा। परिषद के चेयरमैन Rajesh Rokde ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi की ओर से एक साल तक गहने नहीं खरीदने की अपील के बाद अब आयात शुल्क में भारी बढ़ोतरी ने पूरे उद्योग को झटका दिया है।

उद्योग जगत का कहना है कि इंपोर्ट ड्यूटी 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत और सेस 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत किए जाने के बाद कुल कर भार काफी बढ़ गया है। जीएसटी जोड़ने पर भारत में सोने पर प्रभावी टैक्स करीब 18 प्रतिशत तक पहुंच गया है। कारोबारियों के मुताबिक इस फैसले के बाद सोना रातोंरात करीब 13 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हो गया।

ज्वेलरी उद्योग से जुड़े संगठनों ने आशंका जताई है कि बढ़े हुए टैक्स के कारण कारोबार का बड़ा हिस्सा ग्रे मार्केट की ओर जा सकता है, जिससे संगठित ज्वेलरी सेक्टर प्रभावित होगा।

उद्योग संगठनों ने सरकार को सुझाव दिया है कि पुराने सोने की बिक्री पर कैपिटल गेन टैक्स में राहत दी जाए और पुराने गहनों के बदले नए गहने खरीदने पर जीएसटी में छूट दी जाए। साथ ही आरबीआई के गोल्ड रिजर्व और गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के बेहतर इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है।

भारत, चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता देश है। देश में सोने का आयात मुख्य रूप से ज्वेलरी उद्योग की मांग के कारण होता है, जिससे विदेशी मुद्रा का बड़ा हिस्सा बाहर जाता है

Author: JAN TV Editorial Team

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