आरबीआई के बयान के अनुसार, बैंक 12 मई 2026 को कारोबार बंद होने के बाद से बैंकिंग गतिविधियां संचालित नहीं कर सकेगा। इसके साथ ही महाराष्ट्र के सहकारिता आयुक्त और सहकारी समितियों के पंजीयक को बैंक को बंद करने और परिसमापक नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि बैंक की मौजूदा वित्तीय स्थिति ऐसी नहीं है कि वह अपने जमाकर्ताओं को पूरी राशि वापस कर सके। आरबीआई के मुताबिक, यदि बैंक को आगे संचालन की अनुमति दी जाती, तो इससे जनहित प्रभावित हो सकता था।
बैंक के बंद होने के बाद जमाकर्ताओं को Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation के तहत पांच लाख रुपये तक की जमा बीमा राशि प्राप्त करने का अधिकार होगा। आरबीआई के अनुसार, लगभग 98.36 प्रतिशत जमाकर्ता अपनी पूरी जमा राशि वापस पाने के पात्र हैं।
31 मार्च 2026 तक डीआईसीजीसी पहले ही कुल बीमित जमा राशि में से 26.72 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुका है।
आरबीआई ने यह भी कहा कि सर्वोदय को-ऑपरेटिव बैंक कई नियामकीय मानकों का पालन करने में विफल रहा था। लाइसेंस रद्द होने के बाद बैंक अब जमा स्वीकार करने और ग्राहकों को भुगतान करने सहित किसी भी बैंकिंग गतिविधि को संचालित नहीं कर सकेगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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