विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने CBI की मांग स्वीकार करते हुए यश यादव, मंगलीलाल खटीक, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल और शुभम मधुकर खैरनार को सात दिन की कस्टडी में भेजा। कोर्ट ने कहा कि मामले में बड़ी साजिश का एंगल सामने आया है और जांच अभी शुरुआती चरण में है।
CBI के अनुसार, 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र PDF फॉर्म में व्हाट्सएप के जरिए फैलाया गया था। जांच एजेंसी ने दावा किया कि आरोपी शुभम खैरनार ने पुणे के एक व्यक्ति से पेपर हासिल किया, जिसका संपर्क NTA से जुड़े व्यक्ति से था। इसके बाद पेपर को अन्य आरोपियों तक पहुंचाया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि यश यादव ने आरोपी मंगलीलाल खटीक के साथ 10 लाख रुपये की डील की थी और लीक पेपर परीक्षार्थियों तक पहुंचाया गया। CBI ने कोर्ट को बताया कि कई अहम चैट डिलीट की गई हैं और आरोपियों के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच जरूरी है।
एजेंसी का कहना है कि हिरासत के दौरान NTA और अन्य विभागों से जुड़े उन लोगों की पहचान की जाएगी, जो इस पेपर लीक नेटवर्क में शामिल हो सकते हैं। वहीं बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए कहा कि अधिकांश दस्तावेजी सबूत पहले ही जुटाए जा चुके हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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