सीबीआई की ओर से ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें केजरीवाल, सिसोदिया और 21 अन्य आरोपियों को शराब नीति मामले में राहत दी गई थी। इस याचिका पर जस्टिस मनोज जैन की बेंच सुनवाई करेगी। वहीं, आप नेताओं के खिलाफ चल रहे आपराधिक अवमानना मामले की सुनवाई जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर दुडेजा की बेंच के सामने होगी।
14 मई को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने केजरीवाल, सिसोदिया, Sanjay Singh, Saurabh Bhardwaj और दुर्गेश पाठक समेत कई AAP नेताओं के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू की थी। अदालत ने कहा था कि सोशल मीडिया पर न्यायाधीश को निशाना बनाकर “सोची-समझी छवि खराब करने की मुहिम” चलाई गई।
कोर्ट ने यह भी कहा कि कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में जज की कथित राजनीतिक संबद्धता बताने की कोशिश की गई और वाराणसी में दिए गए उनके एक भाषण का एडिटेड वीडियो वायरल किया गया। अदालत ने इसे न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास माना।
इससे पहले 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य आरोपियों को राहत देते हुए कहा था कि मामला न्यायिक जांच में टिक नहीं पाता।
बाद में जस्टिस शर्मा द्वारा खुद को मामले से अलग करने की मांग खारिज किए जाने पर केजरीवाल, सिसोदिया और दुर्गेश पाठक ने अदालत को पत्र लिखकर कहा था कि वे “महात्मा गांधी के सत्याग्रह के रास्ते” पर चलते हुए अदालत में व्यक्तिगत रूप से या वकील के जरिए पेश नहीं होंगे।
Author: JAN TV Editorial Team
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