शुरुआती जांच में किसी भी तरह की साजिश या शिकार की आशंका सामने नहीं आई है। अधिकारियों के मुताबिक, 5 से 6 साल के इस बाघ की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए आगे की जांच और पोस्टमार्टम प्रक्रिया की जा रही है।
‘महावीर’ कान्हा टाइगर रिजर्व के लोकप्रिय बाघों में से एक माना जाता था। उसे अक्सर मुक्की-किसली जोन में देखा जाता था और पर्यटकों के बीच भी वह काफी चर्चित था। बताया जाता है कि उसका इलाका भगवान महावीर मंदिर के पास होने के कारण ही उसे ‘महावीर’ नाम दिया गया था।
वन विभाग की टीम पूरे मामले की निगरानी कर रही है और रिजर्व क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।
Author: JAN TV Editorial Team
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