शहर में घायल और बीमार पशु-पक्षियों के लिए बनाए गए अस्थायी बचाव केंद्रों में कूलर लगाए गए हैं और लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इसके अलावा पिंजरों और बाड़ों के चारों ओर गीली टाट की बोरियां और हरे जाल लगाए गए हैं ताकि ठंडक बनी रहे।
वन विभाग के अधिकारी संदीप कुमार छलानी ने बताया कि पशु-पक्षियों को स्थानीय और पानी से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे खीरा, ककड़ी और खरबूजा दिया जा रहा है ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि पानी के छिड़काव से नमी बनाए रखी जाती है जिससे वातावरण ठंडा रहता है।
वन रक्षक जोगिंदर सिंह मेहरा ने बताया कि रेस्क्यू सेंटर में लगातार कूलर चलाए जा रहे हैं और चारों ओर गीली बोरियों से व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि नीचे फर्श पर भी पानी का छिड़काव किया जाता है ताकि जानवरों को राहत मिल सके।
मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों में लू चलने की चेतावनी के बीच वन विभाग पहले से ही सतर्क है और पशु-पक्षियों को गर्मी के प्रभाव से बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
Author: JAN TV Editorial Team
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