All India Motor Transport Congress ने मंगलवार को आयोजित बैठक में इस हड़ताल का आह्वान किया था। ट्रक चालकों, निजी बस संचालकों, टैक्सी और मैक्सी कैब ऑपरेटरों की यह हड़ताल 23 मई तक जारी रहेगी।
यूनियन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह विरोध “वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM), अदालतों और दिल्ली सरकार की परिवहन क्षेत्र पर थोपी गई अन्यायपूर्ण नीतियों” के खिलाफ है।
दिल्ली के कई व्यावसायिक वाहन चालक संगठनों ने भी इस हड़ताल को समर्थन दिया है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती सीएनजी, पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने वाहन चालकों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर डाला है।
चालक शक्ति यूनियन के उपाध्यक्ष Anuj Kumar Rathore ने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच वाहन चालकों के लिए परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि 21, 22 और 23 मई को ‘चक्का जाम’ का आह्वान किया गया है और चालकों से वाहन न चलाने की अपील की गई है।
हालांकि, दिल्ली की छह ऑटो रिक्शा यूनियनों ने इस हड़ताल से खुद को अलग रखा है। इसके बावजूद राजधानी और आसपास के कई इलाकों में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर असर देखने को मिल रहा है।
Author: JAN TV Editorial Team
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